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आँखों से अश्क - देवेन्द्र देव
आँखों से अश्क - देवेन्द्र देव

आँखों से अश्क छिपाते-छिपाते सारा दामन भीग गया | ऐसा लगा की अज मै कुछ हारकर भी सब जीत गया ||

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