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लकीरे- देवेन्द्र देव
लकीरे- देवेन्द्र देव

पत्थरो की लकीरों सी है मेरे हाथ की लकीरे उभर के मिट जाती है जज्बात की लकीरे कभी हाथ की लकीरों में तो कभी तुझमे खोजते है हाथ की लकीरे खुद ...

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वादा- देवेन्द्र देव
वादा- देवेन्द्र देव

वो भले वादा करके मुकर जायेंगे पर हमें यकीं है, पुकारे तो ठहर जायेंगे है भले आज लबो पे उनके ना पर हमारे इश्क के कशीदे भी कभी असर लायेंगे ...

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छोटू चाय वाला- देवेन्द्र देव
छोटू चाय वाला- देवेन्द्र देव

आज पता नहीं क्यों मुझे लगा की इस ब्लॉग पर शायरी के अलावा कुछ और भी लिखू सो आपके एक साथ मै एक घटना बात रहा हू कुछ समय पहले मै और मेरे दोस्त च...

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हसरत- देवेन्द्र देव
हसरत- देवेन्द्र देव

हसरत है ये दिल कि,   हम भी तन्हाई से मिले ! देखे, तमाशा क्या है पूछेंगे, फिर किसी तमाशाई से मिले ! वफाए हमने भी कि है, हसरत है अब बेवफ...

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दिल- देवेन्द्र देव
दिल- देवेन्द्र देव

वो आज भी टूटी खाट पे सोता होगा वो सबसे छुपकर के कही पर रोता होगा कभी मुझे याद करता होगा कभी किसी चेहरे में मुझे खोजता होगा कभी मिलने के लिए ...

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वक़्त- देवेन्द्र देव
वक़्त- देवेन्द्र देव

वक़्त रहा तो फिर मिलेंगे मैखान फ़िलहाल तो खुद से वक़्त न होने कि शिकायत करते है वक़्त लगता है किसी जख्म को भर जाने में पर जब वक़्त ही उस...

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नाम- देवेन्द्र देव
नाम- देवेन्द्र देव

ये भी जमाना है कि वो पूछते है दिले हाल मेरे हो गया है नाम मेरा अब इस जहा में अब तो कह भी नहीं सकते कि अच्छे नहीं हालात फ़िलहाल मेरे

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दिल- देवेन्द्र देव
दिल- देवेन्द्र देव

वो दिल ही क्या जो दर्द को समेट न सके और वो दर्द ही क्या जो दिल में समां न सके हम और क्या कहे यारो वो इश्क-ऐ-रूमानी एहसास ही क्या जिसके ब...

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सूरज- देवेन्द्र देव
सूरज- देवेन्द्र देव

वो भी सूरज है अपने घर का पर आज खुद ही घर को जला चूका कुछ यु बदली है तासीर उसने अपनी कई बेगानों में वो अपनों का मजाक बना चुका न जाने कौन ...

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ग़म- देवेन्द्र देव
ग़म- देवेन्द्र देव

वायदे वो किया करते है जो निभाते नहीं मंजिल कि और बढने को सब कहते है पर साथ आते नहीं कुछ बेगुनाह होते है मगर गुनाहगार कहलाते है असल में वो...

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आखिर इन्सान हु में- देवेन्द्र देव
आखिर इन्सान हु में- देवेन्द्र देव

ऐ शहर तेरे बारे में सोचकर के हैरान हु में ! क्या करू इन दिनों बहुत परेशां हु में !! की अब तू कुछ बदल सा गया है ! आज इन ऊँची इमारतो के बीच...

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पागल सी लड़की- देवेन्द्र देव
पागल सी लड़की- देवेन्द्र देव

वो एक पागल सी लड़की ! कितने सवाल किये जाती है !! में सिर्फ जवाब देता हु ! और वो बवाल किये जाती है !! हर छोटी बात में राय लेती है मेरी ! ...

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क्या जवाब दू- देवेन्द्र देव
क्या जवाब दू- देवेन्द्र देव

तेरे इन सवालो का क्या जवाब दू ! अपने गुनाहों का क्या हिसाब दू !! तुम जो रूठे मुझसे तो मेरा नसीब रूठ गया ! लोग पूछते है अब में क्या जवाब ...

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पुरानी यादे- देवेन्द्र देव
पुरानी यादे- देवेन्द्र देव

वो गलिया, वो कुचे, वो घर याद आते है ! मुझे अब भी अपनी मुफलिसी के दिन याद आते है !! कोई भूल जाये आज के वक़्त को देखकर ! मुझे अब नानी के सा...

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मै और वक़्त- देवेन्द्र देव
मै और वक़्त- देवेन्द्र देव

कभी- कभी खुद से लड़ता हूँ मै ! कभी जीत जाता हु तो कभी हार जाता हूँ मै !! कई बजी खेली है खुद के साथ मैंने ! पर असल जिन्दगी में हार जाता ...

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काबिलियत- देवेन्द्र देव
काबिलियत- देवेन्द्र देव

मेरी सीरत को तू देख सूरत पे न जा ! यु भी न सह पायेगा की हकीकत पे न जा !! यु भी जिन्दगी इम्तिहान लेती है ! किये जा मेहनत अंजाम-ऐ-हसरत पे न...

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दरख्त- देवेन्द्र देव
दरख्त- देवेन्द्र देव

आखिर कितना बाँध कर रखु में दरख्त की हर डाल को ! टूट के बिखरे है  ऐसे हमारी जड़े ही ख़राब हो जैसे !!

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मेरा दिल- देवेन्द्र देव
मेरा दिल- देवेन्द्र देव

तेरी ख़ुशी में नाच उठेगा ये दिल ! तुझे खुश देखकर के मचल जाएगा !!  बड़ी जल्दी में बनकर के आया है जहा में ! गम हो या ख़ुशी सब चल जाएगा !! ...

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असर- देवेन्द्र देव
असर- देवेन्द्र देव

असर तो है हम पर भी उस आफ़ताब का लेकिन, उनकी बात और है वो अंधेरो में चिराग जला देते है !!

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तन्हाई- देवेन्द्र देव
तन्हाई- देवेन्द्र देव

ये वक़्त, ये तन्हाई और ये दीवानापन, हमें कही खा न जाये हमारा ये आवारापन ! टूट गए है मोती हमारे ही हाथ से जिन्दगी के , कि अब सहन नहीं होती...

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ग़ुरबत- देवेन्द्र देव
ग़ुरबत- देवेन्द्र देव

माथे पे पसीना लिए वो दो रोटी कमाता होगा ! इन दो रोटियों के लिए वो खुद को कितना सताता होगा !! तुम तो खेल लेते हो अपने खिलोनो से ! और वो मा...

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मुजरिम- देवेन्द्र देव
मुजरिम- देवेन्द्र देव

हर वक़्त एक सा नहीं रहता ! दरख्त हमेशा हरा नहीं रहता !! हम भूल जाते है कि वो भी एक इंसा है ! बन जाता है वो, पर हर इंसा फितरत से बुरा नहीं...

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अब्बा- देवेन्द्र देव
अब्बा- देवेन्द्र देव

जब में गिरा तो संभाला उसने !  चला तो हाथो से संभाला उसने !! गम था उसे भी कही तो गहरा ! मगर में न रोऊ सो अपने अश्को को भी पोछ डाला उसने !!...

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चंद लब्ज़- देवेन्द्र देव
चंद लब्ज़- देवेन्द्र देव

अश्क है, दरिया है, दर्द भी है, मगर इन्हें बहाने का सबब भी चाहिए -------------------------------- वो भूल जाते है हर बात लेकिन, हमें नहीं ...

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मोह्हबत- देवेन्द्र देव
मोह्हबत- देवेन्द्र देव

मुझसे जो मोह्हबत करोगे तो क्या पाओगे ! कुछ यु अपना दिल तोड़ोगे की बिखर जाओगे !! हमने क्या पाया है अब तक वफ़ा करके ! तुम भी सिर्फ वफ़ा-ऐ-दर्...

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सोहबत- देवेन्द्र देव
सोहबत- देवेन्द्र देव

गुम यु टूटते वक़्त नहीं लगता ! अँधेरे में तीर मारू पर निशाना कमबख्त नहीं लगता !! राह पे था एक बीज रोपा ! पर वह एक दरखत नहीं लगता !! कहते...

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चेहरा- देवेन्द्र देव
चेहरा- देवेन्द्र देव

एक चेहरा है जिस पे हम मर मिटे है ! वर्ना शमा के पास जा के तो परवाना भी जल उठता है !!

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बाज़ार- देवेन्द्र देव
बाज़ार- देवेन्द्र देव

दिल का कोई बाज़ार नहीं होता ! हर इंसा खुद्दार नहीं होता !! अब ढूंढे से भी आदिल मिले कहा से ! की ऐसा कौन सा दामन है जो दागदार नहीं होता !! ...

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इंतहा- देवेन्द्र देव
इंतहा- देवेन्द्र देव

तू मोहब्बते इज़हार इतना भी न कर ! कि चेहरा तेरे दिल का आइना बन जाये !!

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