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E=MC2
E=MC2

Getting a success is very easy for every man but for that hard work, commitment and knowledge of that ...

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ये मेरे शहर को हुआ क्या है ? -देवेन्द्र देव
ये मेरे शहर को हुआ क्या है ? -देवेन्द्र देव

यह कविता मैंने करीब चार साल पहले 2011 में लिखी थी । यह उनकी timeline से लिया गया है देवेन्द्र गेहलोद कुछ दिनों से समाचार पत्रों में इंदौर...

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उस सुनी राह पे - देवेन्द्र देव
उस सुनी राह पे - देवेन्द्र देव

उस सुनी राह पे वो अकेला मौजूद है भले वो इंसान नहीं लेकिन उसका भी वजूद है फैली हुई है उसकी सब शाखे उसे सिर्फ ज़माने का भला करना मंज़ूर है ...

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आखिर कुछ तो बात होगी- देवेन्द्र देव
आखिर कुछ तो बात होगी- देवेन्द्र देव

खवाबो में आते है, आखिर कुछ तो बात होगी जाते हुए भी मुड़ते जाते है, आखिर कुछ तो बात होगी ये दिल ठिकाने पे नहीं, न जाने क्या वजह है हर ज...

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वो तेरी आँखे तेरा चेहरा - देवेन्द्र देव
वो तेरी आँखे तेरा चेहरा - देवेन्द्र देव

वो तेरी आँखे वो तेरा चेहरा तेरी आँखों सा प्यार तेरा गहरा मेरे हर गुनाह को माफ कर देना बना दिया मेरी शोहरत का पन्ना सुनहरा मेरे जिस्म से...

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एक आस जगी आज मन में- देवेन्द्र देव
एक आस जगी आज मन में- देवेन्द्र देव

एक आस जगी आज मन में दिल कि बात है दबी आज मन में कभी तो ये आग उगलेगा अपनी कमान ये खुद लेगा बहुत सह लिया हमने भी अब तो खून लगा है उबलन...

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