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स्त्री हित की बाते तो कई की जाती है परन्तु अमल में कई चीजे नहीं हो पाती है आज हम स्त्री हित की योजनाए और आयोग के बारे में बता रहे है

स्त्री हित की कुछ योजनाए कुछ इस प्रकार है
जननी सुरक्षा योजना - जननी मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने व संस्थागत प्रसव में वृद्धि के लिए यह योजना लागु की गई | इसके अंतर्गत प्रसुताओ को आर्थिक सहायता दी जाती है
सतत शिक्षा कार्यक्रम - इस कार्यक्रम के तहत न
वसाक्षर के शैक्षिक स्टार में वृद्धि करते हुए जीवन स्टार में सुधर लाकर उसे आत्म निर्भर बनाया जाता है
महिला खेल कूद योजना - महिलाओ और बालिकाओ को खेलो के प्रति आकर्षित करने के लिए पंचायत स्तर, राज्य स्तर व् राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर दिया जाता है
स्वयम सहायता समूह - गृह उद्योग व् उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में प्रशिक्षित महिलाओ को स्वयम सहायता समूह गठन के लिए प्रेरित किया जाता है
बालिका गृह - इसमें उन बालिकाओ को प्रवेश दिया जाता है, जिन्हें शिशु गृह में रहते हुए ५ वर्ष से अधिक समय हो चूका हो |
व्यवसायिक कौशल उन्नयन एवं आय अभिवृध्धि प्रशिक्षण शिविर - नवसाक्षर महिलाओ के आर्थिक उत्थान व् उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए योजना शुरू की गई है |
विधवा पुनर्विवाह उपहार योजना - इस योजना के तहत जो विधवा पेंशन पाने के पात्र है यदि वह पुनर्विवाह करती है तो उसे उपहारस्वरूप १५००० रूपये की राशी देने का प्रावधान है |
विमदिंत एवं बालिका गृह - मानसिक रूप से विमदिंत महिलाओ के शिक्षण, प्रशिक्षण व् पुनर्वास के लिए यह योजना प्रारंभ की गई है |
गृह उघोग योजना - महिलाओ को घरेलु उघोगो में नेहरु युवा केंद्र ITI आदि की और से ग्रामीण व् शहरी क्षेत्रो में प्रशिक्षण दिलाना इस योजना का उद्देश्य है |
स्पेशल प्रोग्राम फार विमेन डेवलपमेंट - विधवा व् परित्यक्ता महिला विकास कार्यक्रम में रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाता है |
किशोरी शक्ति योजना - यह योजना स्कुल ण जाने वाली या बीच में छोड़ने वाली ११ से १८ वर्ष की बालिकाओ के लिए प्रारंभ की गई है |
महिला विकास ऋण योजना - महिलाओ को अचल संपत्ति बंधक रखे बिना अकृषि कार्य व् डेयरी उद्देश्य के लिए ऋण सुविधा दी जाती है |
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम - विभिन्न रोगों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए निवारक टीके लगाये जाते है |
बालिका संबल योजना - इस योजना का उद्देश्य बालिकाओ को आर्थिक संबल व् सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है |
ग्रामीण महिला विकास योजना - ग्रामीण महिलाओ की भागीदारी में वृद्धि करना व् उन्हें जागरूक करना इस योजना का उद्देश्य है |
स्त्री शक्ति पुरस्कार योजना - अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली महिलाओ को राष्ट्रीय पुरस्कारो से सम्मानित किया जाता है |

महिलाओ के कुछ अधिकार (Rights of Women in Hindi)
हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 द्वारा महिलाओ को पैत्रिक संपत्ति में अधिकार दिया गया है |
विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अंतर्गत कोई महिला अपना धर्म बदले बिना किसी भी धर्म के व्यक्ति से विवाह कर सकती है |
प्रसूति प्रसुविधा अभिनियम, 1961 के अनुसार बच्चे के जन्म के कुछ समय पहले या बाद तक महिलाओ के रोजगार को विनियमित कर्ता है और प्रसूति और अन्य प्रसुविधाये सुलभ कराता है |
ठेका श्रम अधिनियम 1976 द्वारा महिला श्रमिको से बागानों में प्रात: ६ से सायं ७ के बीच ९ घंटे के बाद काम करने पर प्रतिबंध है |
समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 के अंतर्गत महिलाओ को भी पुरुषो के सामान पारिश्रमिक की व्यवस्था की गई है |
वेश्यावृति निवारण अधिनियम, 1986 के मुताबिक महिलाओ के देह व्यापार पर प्रतिबंध लगाया गया है |
स्त्री अभीष्ट निरूपण निषेध अधिनियम, 1986 द्वारा महिलाओ के अश्लील निरूपण पर प्रतिबंध है |
बाल-विवाह निषेध अधिनियम, 1976 के अनुसार निर्धारित उम्र से कम की बालिकाओ के विवाह पर प्रतिबंध लगाया गया है |
दहेज़ निषेध अधिनियम के अंतर्गत विवाह में दहेज़ के लें-दें पर प्रतिबंध है |
सती निषेध आयोग अधिनियम 1978 के अनुसार महिलाओ को पति की मृत्यु के पश्चात् सती होने पर प्रतिबंध है |
घरेलु हिंसा से महिला की सुरक्षा हेतु अधिनियम 2005 पति या साथ रहने वाले किसी भी पुरुष या उसके संबंधियों की हिंसा या प्रताड़ना से महिला को सुरक्षा प्रदान करता है |

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