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उस सुनी राह पे वो अकेला मौजूद है
भले वो इंसान नहीं लेकिन उसका भी वजूद है

फैली हुई है उसकी सब शाखे
उसे सिर्फ ज़माने का भला करना मंज़ूर है

होते है उसपे हमले तो हुआ करे
उसे तो बस नेकी किये जाने का सुरूर है - देवेन्द्र देव

Roman

Us suni raah pe wo akela moujud hai
bhale wo insaan nahi laikin uska bhi wajud hai

faili hui hai uski sab shakhe
use sirf jamane ka bhala karna manjur hai

hote hai uspe hamle to hua kare
use to bas naiki kiye jane ka suroor hai - Devendra Dev

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