1
वो आज भी टूटी खाट पे सोता होगा
वो सबसे छुपकर के कही पर रोता होगा
कभी मुझे याद करता होगा
कभी किसी चेहरे में मुझे खोजता होगा
कभी मिलने के लिए मुझसे तडपता होगा
कभी खुद पे हँसता होगा
कभी जागकर करवटे बदलता होगा
वो मेरा महबूब नहीं 
मेरा दिल है मैखान जो मेरे नकाब को देखकर डरता होगा
                                                                 - मैखान 

Post a Comment

  1. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    ReplyDelete

 
Top