7
वायदे वो किया करते है जो निभाते नहीं
मंजिल कि और बढने को सब कहते है पर साथ आते नहीं
कुछ बेगुनाह होते है मगर गुनाहगार कहलाते है
असल में वो दुनिया को अपनी नेकिया दिखाते नहीं
गम हर दिल में है, गमजदा हर इंसा है यहाँ
वो बताते है सबको और हम इन्हें तमगो कि तरह सजाते नहीं
निगाहों से अश्क न बहे तो कहना माँ कि तकलीफ देखकर
ये और बात है वो चश्मों से ढक लेते है और हम छिपाते नहीं
यु ही कहानी पे कहानी बुन चला हु अब तक
वो तो तबियत बन चली थी ऐसी, वरना हर किसी को सब बताते नहीं
कभी आसमा में चमकते सितारे देखे है आपने
भले चाँद से ज्यादा हो रोशन पर कभी अपनी अहमियत जताते नहीं
वो मुझसे आज फिर सवाल पूछ बेठा
फिर मुझे हार कर कहना पड़ा शार्गिद हु, मुझे सब जवाब आते नहीं
तू तो बड़ा छुपा रुस्तम निकला मैखान
खुदा तेरा मेहमान, तेरा उस्ताद निकला, हमारे तो बुलाने पे भी आते नहीं

Post a Comment

  1. अच्छी नज़्म है ... स्वागत है आपको इस ब्लॉग जगत में ...

    ReplyDelete
  2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

    ReplyDelete
  3. नज्म अच्छी लगी धन्यवाद्|

    ReplyDelete
  4. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
    हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।
    यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

    धन्‍यवाद

    ReplyDelete
  5. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
  6. वायदे वो किया करते है जो निभाते नहीं
    मंजिल कि और बढने को सब कहते है पर साथ आते नहीं great truth

    ReplyDelete
  7. नज्म अच्छी लगी धन्यवाद्|

    ReplyDelete

 
Top