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मेरी सीरत को तू देख सूरत पे न जा !
यु भी न सह पायेगा की हकीकत पे न जा !!
यु भी जिन्दगी इम्तिहान लेती है !
किये जा मेहनत अंजाम-ऐ-हसरत पे न जा !!
कुछ तो कशिश है मुझमे जो हर जगह छा जाते है !
मेरी काबिलियत को देख मेरी हालत पे न जा !!

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