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जब में गिरा तो संभाला उसने ! 
चला तो हाथो से संभाला उसने !!
गम था उसे भी कही तो गहरा !
मगर में न रोऊ सो अपने अश्को को भी पोछ डाला उसने !!
अपनी मोह्हबत को दिखाया नहीं मगर "मेंखान" !
यु ही कभी-कभी हाथो से मुझे उछाला उसने !!

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