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दिल का कोई बाज़ार नहीं होता !
हर इंसा खुद्दार नहीं होता !!
अब ढूंढे से भी आदिल मिले कहा से !
की ऐसा कौन सा दामन है जो दागदार नहीं होता !!
इसी कशमकश में मेरा कारवा निकल गया !
कि आज कोई किसी का कर्जदार नहीं होता !!


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